Saturday, 6 June 2020

मेकल छंद

मेकल छंद----
1.कैसी मधुर बहार है
धवल-नवल रसधार है
देखो!निकली यामिनी
चिर नूतन श्रृंगार है।

2.ये नन्दन, गोपाल है
गल वैजन्तीमाल है
बाजत रुनझुन पैंजनी
सुन्दर, मनहर चाल है।

3.अलि!राग में,'बहार' ले
    'तान,' स्वर-विस्तार'ले
    आज 'तराना' छेड़ दे
    'सरगम'सरस फुहार ले।

4.सैनिक वीर जवान है
    भारत माँ की शान है
    करता सीमा की रक्षा
   कहता देश महान है।👏🏼👏🏼👏🏼

डाॅ0 श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'

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