चित्राधारित कविता लेखन संख्या--29
गहरे लाल सिंदूरी रंग ने,
मनमोहक परिदृश्य बनाया।
सजे गुलमौहर डगर किनारे,
बिखरा रंग, कुदरती माया।
ये अद्भुत,नूतन परिवर्तन,
देख-देख मानव भरमाया।
प्रकृति-प्रेमियों के विस्मित-दृग-
उलझ पड़े,मन अति हरषाया।
गहरे लाल सिंदूरी रंग ने,
मनमोहक परिदृश्य बनाया।
सजे गुलमौहर डगर किनारे,
बिखरा रंग, कुदरती माया।
ये अद्भुत,नूतन परिवर्तन,
देख-देख मानव भरमाया।
प्रकृति-प्रेमियों के विस्मित-दृग-
उलझ पड़े,मन अति हरषाया।
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