Saturday, 6 June 2020

सायली छंद

सायली छंद---
1.   प्रकृति
   सबसे महान
  मत करो दोहन
  निष्ठुर परिवर्तन 
      समाधान 

2.     जलन
     झुलसा देता
      तन-मन-धन
         कर लो
          मनन   

3.      शब्द
      नादमय,ब्रह्ममय
उद्वेलित भाव-सहृदय
     समुचित प्रयोग 
          सार्थक

4.     परिवार
       हो संयुक्त
मिले सहारा परस्पर
    अकेला भ्रमित
    किंकर्तव्यविमूढ़

डाॅ0श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'
हल्द्वानी, नैनीताल (उत्तराखंड)

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