चित्राधारित कविता-लेखन---
चित्त-वृत्ति को पावन करता योग सदा ही,
आत्मा को परमात्मा से मिलवाता ये ही,
अन्तर्वाह्य जगत-शुद्धि का मार्ग यही है,
मोक्ष प्राप्त करने का मात्र उपाय यही है।।
योग दिलाए मुक्ति कष्टदायी रोगों से
सद्ज्ञान बढ़ाये, दूर करे सब भोगों से।
योगाभ्यास करो नित,कहते योगगुरू
लोगों से,
जीवन-जीने की कला सिखाएँ योगों से।।
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डाॅ0,श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'
हल्द्वानी,नैनीताल, (उत्तराखण्ड)
8171881903
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