Wednesday, 2 December 2020

गुरु-वन्दना

 गुरु-वन्दना---


सद्ज्ञान, परमानन्द दें जो,उन गुरू की वन्दना। 

सत्कर्म,धर्म से जोड़ दें जो उन चरन की अर्चना।

शान्ति का सन्देश लेकर,बुद्धि रूप दिनेश दें।

मूल्य जीवन के बताकर,नीति का उपदेश दें।

वन्दन,नमन उन चरण में,जिनमें बसी दिव्यात्मा।

अज्ञानता का शमन कर,ज्योतित करें जो आत्मा।

परमब्रह्म-प्रकाश से,द्युतिमान अन्तर्मन हुआ।

गुरु-कृपा से मन-नयन खुल,जगत-हित जीवन हुआ।

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डाॅ0श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'

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