वन्दना गीत
स्थाई -
भारती का करें वन्दनम् वन्दनम्।
भाव सुमनों भरा अर्चनम् पूजन म्।।
1.ज्ञान दीपक तले बुद्धि ज्योतित जले,
स्नेह की आरती मन नयन में पले।।
दिव्य अविराम दर्शन हमें मातु दो,
भक्तिमय उर में हो नन्दनम् नन्दनम्।।
भारती का करें वन्दनम् वन्दनम्।
भाव सुमनों भरा अर्चनम पूजन म।।
2.धर्ममय सांस्कृतिक राह हो प्रज्ज्वलम्,
श्वेतअम्बर सदृश हो चरित उज्ज्वलम्।
शान्ति सद्भावना,नीति गुण प्रीति का,
भाल में हो लगा चन्दनम् चन्दनम्।।
भारती का करें वन्दनम् वन्दनम्।
भाव सुमनों भरा अर्चनम् पूजनम्।
3.ब्रह्ममय शब्द रसना में ब्रह्माणि हो,
वाङ्गमय अर्थ रचना में कल्याणि हो।
सप्तसुर मन के मन्दिर में झंकृत रहें,
शंख घंटी सदृश नन्दनम् नन्दनम्।।
भारती का करें वन्दनम् वन्दनम्।
भाव सुमनों भरा अर्चनम् पूजनम्।।
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डाॅ0श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'
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