Saturday, 24 February 2024

 विधा -गीत - समीक्षार्थ


आये रे बादरा,छाये रे बादरा।

१.जी घनन घनन करे,

   री!नयन जलन भरे

  हिय पिय पिय ही रटे,

   बाजे रे दादरा।

   छाये रे बादरा।

2. तू पवन मगन रहे,

    देअगन गगन बहे।

    मन नभ तड़ित चमके।

    छलके सुपुरंदरा।

    छाये रे बादरा।।

३. प्रियतम गरजन सुनो,

    तन-मन लरजन गुनो,   

   धिन-धिन, धिक-धिक करे,

    गूँजे घट- कंदरा।

    आये रे बादरा।

 4. फल दल झरने लगे,

     नद जल भरने लगे,

     रज-कण सुमन महके,

     छोड़ो प्रिये तंद्रा।

     आये रे बादरा।।

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डॉ० श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'


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