घनाक्षरी --मात्रा भार---16
8 8 8 8=32
(सभी मात्राएँ लघु)एक प्रयोग
नवल किरन सह,शशि निकसत जब,
तन मरकत मणि,सम दमकत सब।
मुख-पट सरकत,चमचम चमकत ,
विरह व्यथित मन,पल-पल तड़पत।।
इत-उत भटकत,प्रिय पग झटकत,
गिरत पड़त दर,उठत डगर पर।
अटपट गति लखि,पकड़त सुधिजन,
छिपत सदन मह,विहंसत परिजन।।
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डाॅ0श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'
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