मुक्तक -
कौन कौस्तुभ कान्ति कुल भूषण कृपानिधान हैं,
अवनि अम्बर अम्बु अमृत अनिल आदि विधान हैं।
राम राघव राज्ञ रघुनन्दन सियापति राम हैं,
पूर्ण पावन प्रेम पथ पोषक प्रणम्य प्रधान हैं।।
डॉ० गीता मिश्रा 'गीत'
सुहानी-सुबह कविता 1. रँग में अपने रंग दिया, रवि ने सुबह से ही गगन। देख नभ की अरुणिमा को, चारों दिशाएँ भी मगन।। 2.लालिमा भी प्य...
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