Saturday, 24 February 2024

 मुक्तक - ईश्वर से कामना है


दीपक जलें सभी घर,

तम से उबार देना,

पीड़ा न हो किसी उर,खुशियाँ अपार देना।

जीवन सुगम नहीं है,आगम- निगम हमारे !

डगमग भटक रहे हैं,भव से ही तार देना।।


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डॉ० श्रीमती गीता मिश्रा 'गीत'


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